खांसी-जुकाम से चाहिए छुटकारा तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, थोड़े ही समय में मिलेगा फायदा

बदलता मौसम और खासतौर पर सर्दियों में खांसी और जुकाम की समस्या होना आम बात है। खांसी और जुकाम आपको बुखार जैसा लगता है और कभी-कभी दर्द भी महसूस होता है। ऐसे मामलों में सिरदर्द, दांत दर्द, बुखार और सांस लेने में समस्या आदि भी हो सकती हैं।

बहुत से लोग इस हालत में या तो सामान्य दवाइयां ले लेते हैं या फिर कई तरह के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। वैसे आमतौर पर देखा गया है कि इस तरह की समस्याओं में घरेलू नुस्खे ज्यादा असरदायक होते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इसके लक्षणों, कारणों और उपचार से अंजान होते हैं। 

खांसी और जुकाम होने के कारण

ज्यादातर लोग खांसी और नाक बहने को ही सर्दी-जुकाम का लक्षण मान लेते हैं, लेकिन उन्हें ये नहीं पता होता है कि सिर्फ ठंड लगने की वजह से नहीं, बल्कि कई अन्य कारणों से भी ये समस्याएं हो जाती हैं। ज्यादातर मामलों में खांसी और जुकाम एक वायरस के कारण होता है।

वैसे तो 200 से ज्यादा वायरस इस बीमारी के लिए जिम्मेदार होते हैं, लेकिन उनमें से कोरोनावायरस, रेस्पिरेटरी सिनसिशल वायरस, इन्फ्लूएंजा और पैराइनफ्लूएंजा का योगदान कुछ ज्यादा ही रहता है। ये वायरस छूने से और पीड़ित व्यक्ति के साथ संपर्क में आने से भी फैलते हैं।

किसी संक्रमित व्यक्ति के छींकने पर ये वायरस हवा के कणों के संपर्क में आते हैं और किसी दूसरे व्यक्ति के सांस लेने पर उसकी सांस के साथ शरीर के अंदर चले जाते हैं।

सर्दी जुकाम के शुरुआती लक्षण

यह आमतौर पर गले में खराश के साथ शुरू होता है। इससे पहले कि ये महसूस हो कि आप इसकी चपेट में आ गए हैं, इसके लक्षण भी दिखने शुरू हो जाते हैं –

  • बहती नाक (नाक से पानी आना)
  • बहुत छींकें आना।
  • थकान होना।
  • गले में खराश होना।
  • खांसी आना।
  • सिर में भारीपन का बने रहना।
  • ठंड लगना।
  • सीने में तकलीफ महसूस होना।
  • सांस लेने में कठिनाई महसूस होना।
  • पूरे शरीर में ऐंठन या दर्द का रहना।
  • आंखों से पानी बहना।
  • साइनस पर दबाव।

आमतौर पर सर्दी के साथ बुखार नहीं आता है, लेकिन अगर ऐसा है तो ये इस बात का संकेत हो सकता है कि आपको फ्लू हो गया है या बैक्टीरियल इंफेक्शन। ये लक्षण आमतौर पर 1 और 3 दिनों के बीच दिखने या महसूस होने शुरू हो जाते हैं। ये समस्या लगभग 3 से 7 दिनों तक रहती हैं। शुरुआत के तीन दिनों में शरीर में कमजोरी बहुत महसूस होती है और दिमाग भी शरीर को बीमार सा महसूस कराता है। 

खांसी और जुकाम होने पर क्या करें

मौसम बदलने पर खांसी-जुकाम का होना आम बात है। ये समस्या बिना दवाई लिए भी अपने-आप ठीक हो जाती है। इस दौरान शरीर में कमजोरी महसूस होने की वजह से खुद को बीमार सा लगता है। ऐसे में ध्यान रखने की बेहद जरूरत होती है। अगर किसी को खांसी और जुकाम हुआ है तो उसे कुछ बातों पर जरूर ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं कि सर्दी हो जाने पर क्या करें –

  • खांसी-जुकाम के दौरान संक्रमण फैलने की ज्यादा संभावनाएं होती हैं। ऐसे में कोशिश करनी चाहिए कि जब छींकें तो आपके पास रूमाल जरूर होना चाहिए और बच्चों से दूर रहना चाहिए।
  • इस दौरान सबसे जरूरी है कि आप कुछ दिन घर पर आराम करें। इससे शरीर जल्दी रिकवर होता है।
  • दवाइयां लेने की जगह घरेलू उपचार जैसे कि गर्म पानी से गरारे करना, अदरक-शहद का सेवन करने आदि को उपचार में इस्तेमाल करें।
  • सर्दी-जुकाम के दौरान शरीर को हाईड्रेट रखना बेहद जरूरी है, इसीलिए ठंडा पानी पीने की जगह गुनगुने पानी का सेवन करते रहें। 
  • अगर किसी गर्भवती महिला को खांसी और जुकाम हुआ है तो उसे बिना डॉक्टर के परामर्श के किसी भी तरह की कोई दवाई नहीं लेनी चाहिए।

खांसी और जुकाम में परहेज

सर्दी-खांसी और जुकाम सामान्य तौर पर सक्रमंण के कारण होता है, इसीलिए इस दौरान खाने-पीने का बहुत ध्यान रखना चाहिए। इससे आप जल्दी ठीक हो सकते हैं। हालांकि ऐसे में खाने-पीने का मन नहीं करता है और नतीजा ये होता है कि शरीर में पानी और जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। आइए जानते हैं कि खांसी-जुकाम के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए।

सर्दी-जुकाम में क्या खाएं –

  • सूप पीएं।
  • दाल का सेवन करें।
  • खाने में लहसुन और प्याज को शामिल करें।
  • अदरक, लौंग, काली मिर्च और तुलसी की चाय पीएं।
  • तीखा और थोड़ा मसालेदार खाना खाएं।
  • ओट्स खाएं।
  • डेयरी प्रोडक्ट का सेवन में दिन में दो बार जरूर करें।

सर्दी-जुकाम में क्या न खाएं –

  • प्रोसेस्ड या फास्ट फूड बिल्कुल भी न खाएं।
  • फ्रिज से निकली ठंडी चीजें न खाएं।
  • शराब और धूम्रपान का सेवन न करें।
  • मैदे से बनी हुई चीजें न खाएं।
  • बिना डॉक्टर के पूछे किसी भी तरह की एंटीबायोटिक्स न लें।

खांसी और जुकाम को रोकने के घरेलू उपाय

खांसी-जुकाम में शरीर टूटने सा लगता है। ऐसा लगता है कि बस अब कोई जल्दी से चमत्कार हो जाए और इस समस्या से छुटकारा मिल जाए। इससे राहत पाने के लिए लोग कई तरह की दवाइयों का सहारा लेते हैं।

इन दवाइयों से तुरंत आराम तो मिल जाता है, लेकिन सेहत पर इसका बहुत गलत असर पड़ता है। बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि खांसी-जुकाम में घरेलू नुस्खे ज्यादा असरदायक होते हैं और वह भी बिना किसी साइड इफेक्ट के।

आइए जानते हैं कि खांसी और जुकाम से राहत पाने के लिए कौन-से घरेलू नुस्खे अपनाने चाहिए –

  1. अगर आपकी खांसी ठीक नहीं हो रही है तो रात में सोने से पहले 4-5 बादाम और 3-4 काली मिर्च को एक साथ खाकर सो जाएं, जल्द आराम मिलेगा।
  2. अगर जुकाम में तुरंत आराम चाहिए तो रूमाल में 1-2 छोटी इलाइची लपेट कर सूंघने से राहत मिलती है। यही नहीं, इलाइची की चाय पीने से खांसी-जुकाम दोनों में ही आराम मिलता है।
  3. सर्दी-जुकाम होने पर सरसों के तेल में 2-3 लहसुन की कलियां पका कर तेल को ठंडा कर लें। फिर इस तेल की दो-दो बूंदें सुबह-शाम नाक में डालें। इससे बंद नाक खुल जाएगी और जुकाम से छुटकारा मिलेगा।
  4. हल्दी बहुत ही गुणकारी होती है और वह सर्दी-जुकाम के लिए औषधि का काम करती है। रात में सोने से पहले 1 गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर पीएं। इससे आराम मिलता है। 
  5. जुकाम ठीक न हो रहा हो तो सूखी हल्दी का धुंआ सूंघने से तुरंत राहत मिलती है।
  6. खांसी के दौरान गले में खराश होना आम बात है। इससे छुटकारा पाने के लिए तुलसी के 2-4 पत्ते चबाने से आराम मिलता है। आप चाहें तो तुलसी की चाय भी पी सकते हैं।
  7. अदरक के टुकड़े को छील कर उसे शहद के साथ मिलाकर चबाएं। इससे सर्दी-जुकाम में बहुत आराम मिलता है और ये बहुत ही फायदेमंद भी होता है।
  8. पुराने समय से खांसी को ठीक करने का एक टोटका चला आ रहा है। कहा जाता है कि शहद चाटने से ही खांसी भाग जाती है और ये काफी कारगर फॉर्मूला भी है, इसीलिए रोजाना 2 बार शहद चाटें और इसके बाद 1 घंटे तक पानी न पीएं।
  9. लहसुन को क्रश करके उसे पानी में उबाल लें या फिर सूप में डालकर काढ़े की तरह पीने से भी सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है।
  10. सूखी हो या कफ, दोनों ही प्रकार की खांसी के इलाज में नमक मिला पानी पिएं। साथ ही इससे गरारे यानी गार्गल भी करें। इससे गला तर जाता है और गर्माहट मिलने से बाकी परेशानियां भी दूर हो जाती हैं।
  11. सिर दर्द, जुकाम ,बुखार, खांसी होने पर हर्बल चाय पीएं। इससे शरीर को गर्माहट मिलती है और यह बीमारियों को भी दूर रखती है।
  12. खांसी-जुकाम में नॉर्मल पानी से बेहतर गुनगुने पानी का सेवन है। इससे गले में जमा कफ भी खुलेगा और शरीर को बेहतर भी महसूस होगा।
  13. खांसी-जुकाम में आंवला भी बहुत फायदा करता है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं, जो आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
  14. अनार के जूस में अदरक और पिपली का पाउडर डालकर पीने से सर्दी-खांसी में आराम मिलता है।
  15. अगर आपको बहुत ज्यादा बलगम के साथ खांसी आ रही है तो काली मिर्च को देसी घी या फिर मलाई के साथ मिलाकर खाएं। असर आपको जल्द ही नजर आ जाएगा।
  16. प्याज भी सर्दी-जुकाम में दवाई का काम करती है। जी हां, खाने में जितना हो सके, प्याज का इस्तेमाल करें। सूखी खांसी हो या फिर कफ, प्याज के रस में शहद मिलाकर पीने से तुरंत राहत मिलती है।
  17. अलसी के बीजों को उबाल लें और फिर उसमें नींबू का रस और थोड़ा सा शहद मिलाकर सेवन करें। 
  18. 10 ग्राम दानामेथी, 15 ग्राम काली मिर्च, 50 ग्राम शक्कर या बूरा, 100 ग्राम बादाम गिरी लें। इन सभी को पीसकर पाउडर तैयार कर लें। रोजाना गर्म दूध से रात को सोते समय एक चम्मच ये पाउडर लेने से खांसी, बलगम और जुकाम सभी में लाभ होता है। 
  19. 10 ग्राम गेहूं की भूसी, 5 लौंग, थोड़ा नमक लें और सभी को पानी में मिलाकर इसे उबालकर काढ़ा बनाएं। एक कप काढ़ा पीने से लाभ मिलेगा।
  20. कलौंजी और जैतून के तेल को बराबर मात्रा में लेकर अच्छी तरह मिलाएं और इसकी बूंदें नाक में टपकाएं। इससे बंद नाक खुलने से आराम मिलेगा।
  21. सूखी खांसी में कफ पैदा करने के लिए मुलेठी को 1 चम्मच शहद के साथ दिन में 3 बार चाटें। इससे नलिका साफ होती है और गले, नाक और कान को भी आराम मिलता है।
  22. जुकाम की वजह से नाक बंद हो गई है तो उसे खोलने के लिए कपूर की टिक्की को किसी रूमाल में लपेटकर बार-बार सूंघें।
  23. कलौंजी के बीजों को तवे पर सेंक लें और इसे कपड़े में लपेट कर सूंघें। इससे जकड़े गले और जुकाम में राहत मिलेगी। 
  24. एक गिलास उबलते हुए पानी में एक नींबू का रस और शहद मिलाकर रात को सोते समय पीने से जुकाम में लाभ होता है।
  25. खजूर को एक-डेढ़ गिलास पानी में अच्छे से उबालकर पीएं। इससे सर्दी और जुकाम में बहुत राहत मिलती है।

बच्चों के लिए खांसी-जुकाम का उपचार

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अनुसार 4 साल से कम उम्र के बच्चों को कोल्ड में ड्रग्स यानी दवाई लेने की सलाह नहीं दी जाती है। बेहतर होगा कि उन्हें घरेलू उपचार ही दें और ज्यादा समस्या बढ़ जाने पर डॉक्टर से संपर्क करें। यहां हम आपको बच्चों के लिए कुछ ऐसे घरेलू उपचार बता रहे हैं, जो उनकी खांसी-जुकाम की परेशानी को कम करने में मददगार साबित होंगे-

1-  जिन बच्चों को खांसी-जुकाम हो जाता है, वे सामान्य से अधिक सुस्त और चिड़चिड़े हो सकते हैं, इसीलिए इस दौरान उनके साथ रहें और उन्हें स्कूल की बजाय घर पर ही आराम करने दें।

2-  सर्दी से पीड़ित बच्चों को तरल पदार्थ यानी लिक्विड डायट ज्यादा दें। इसकी वजह से उनके गले को भी आराम मिलेगा और उनका शरीर भी हाइड्रेट रहेगा।

3- खांसी-जुकाम में बड़ों को तो क्या, बच्चों को भी भूख नहीं लगती हैं और न ही कुछ अच्छा खाने का भी मन होता है। उन्हें स्मूदी और सूप का बेहतरीन विकल्प दें।

4- सर्दी-जुकाम के दौरान गले में दर्द या खराश होना आम है। ऐसे में उन्हें सेंधा नमक मिलाकर गुनगुने पानी का गार्गल यानी कि गरारे कराएं। इससे उन्हें आराम मिलेगा।

5- एक्सपर्ट्स की मानें तो सर्दी में गर्म पानी से नहाने से बहुत आराम मिलता है। ये शरीर में हो रहे हल्के दर्द को भी कम करता है।

खांसी और जुकाम

सवाल -जवाब

नॉर्मल खांसी और काली खांसी में क्या अंतर है?

एक्सपर्ट्स की मानें तो काली खांसी और सामान्य खांसी में फर्क करना आसान नहीं है, क्योंकि दोनों के लक्षण लगभग एक जैसे ही होते हैं। बस अंतर यही है कि काली खांसी दो-तीन हफ्ते से भी ज्यादा लंबे समय तक बनी रहती है। 

क्या सर्दी-जुकाम में सिर धोकर नहीं नहाना चाहिए?

कोशिश करनी चाहिए कि सर्दी-जुकाम के दौरान कम से कम एक हफ्ते तक सर न धोएं। अगर बहुत जरूरी है तो गुनगुने पानी से सिर धो लें, लेकिन बहुत ज्यादा देर तक बालों को गीला रहने न दें। ऐसे में समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। 

क्या जुकाम में कोई दवा लेनी चाहिए ?

वैसे तो ये समस्या ज्यादातर अपने-आप ही ठीक हो जाती है, लेकिन अगर आपको ज्यादा परेशानी हो रही है तो दवाएं ले सकते हैं। बिना डॉक्टर के परामर्श के ली गई दवा को खाने से पहले उसके पैकेट पर दिए गए निर्देशों को जरूर पढ़ लें।

अगर किसी को लंबे समय से खांसी की समस्या है तो उसे क्या करना चाहिए?

हालांकि यह साबित हो चुका है कि तीन हफ्ते से ज्यादा खांसी होने पर टीबी की जांच करवा लेनी चाहिए, क्योंकि लापरवाही बरतने से खांसी बढ़कर टीबी का रूप ले सकती है।