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प्रेगनेंसी में होने वाली माॅर्निंग सिकनेस से परेशान हैं तो अपनाएं ये असरदार उपाय

प्रेगनेंसी के दौरान हर महिला की ज़िंदगी कई उतार-चढ़ाव से होकर गुज़रती है। गर्भ धारण के पहले महीने से ही उल्टी, चक्कर, कमर दर्द जैसी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। कई मामलों में तो प्रेगनेंट महिला को खाना भी बेस्वाद लगने लगता है। उसके सूंघने की क्षमता काफी सेंसिटिव हो जाती है। इन्हीं में से एक है मॉर्निंग सिकनेस। बाकी के लक्षण भले ही हर प्रेगनेंट महिला अलग-अलग समय पर महसूस करती हो, लेकिन मॉर्निंग सिकनेस की समस्या गर्भ धारण की शुरुआत से ही महसूस होनी शुरू हो जाती है। 

क्या है मॉर्निंग सिकनेस

आमतौर पर सुबह उठते ही थकान महसूस होना, उल्टी या चक्कर आना, पेट में दर्द होना आदि मॉर्निंग सिकनेस की निशानियां मानी जाती हैं। हालांकि यह सिर्फ नाम के लिए ही मॉर्निंग सिकनेस है क्योंकि इस तरह के लक्षण प्रेगनेंसी के दौरान दिन भर या रात में कभी भी महसूस किए जा सकते हैं। यहां तक कि इस दौरान प्रेगनेंट महिला को भूख कम लगने की शिकायत भी हो सकती है। अच्छी बात ये है कि इससे होने वाले बच्चे को किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं होता है। उल्टा यह तो हेल्दी प्रेगनेंसी की निशानी है। मॉर्निंग सिकनेस इस बात का संकेत भी है कि प्रेगनेंट महिला के मिसकैरेज होने की आशंका काफी कम है।  

मॉर्निंग सिकनेस कम करने के उपाय

मॉर्निंग सिकनेस को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता क्योंकि ये शुरुआती प्रेगनेंसी में आपका साथ नहीं छोड़ती। हां, मगर कुछ उपाय अपनाकर इसे कम ज़रूर किया जा सकता है। हम यहां आपको ऐसे ही कुछ उपाय बता रहे हैं। 

1- मॉर्निंग सिकनेस होने पर किसी भी तरह की दवा लेने से बचें, जब तक कि वो खुद आपके डॉक्टर की तरफ से न प्रिस्क्राइब की गई हो। 

2- सुबह बिस्तर से एक झटके में न उठें। धीरे-धीरे उठें और उठने के बाद कमरे में ही कुछ कदम ज़रूर चलें।

3- सुबह के समय या दिन में जब भी आपको उल्टी जैसा लग रहा हो तो थोड़ा आराम कर लें।

4- ज्यादा मेहनत वाले काम न करें। इस दौरान जब भी आपका शरीर आराम की मांग करे, उसे तुरंत आराम दें। 

5- अपनी डाइट में बहुत अधिक तली-भुनी चीजों को लेने से बचें। खासतौर पर बाहर का खाना अवॉइड करना ही बेहतर है। 

6- शरीर में कैल्शियम और विटामिन की कमी न होने दें। रोज़ाना दूध ज़रूर पिएं। आप चाहें तो दूध-हल्दी भी पी सकती हैं। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत बना रहता है। 

7- एक बार में भरपेट खाना खाने के बजाय पूरे दिन में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाना खाती रहें। ऐसा खाना खाएं, जो प्रोटीन और फाइबर से भरपूर हो। 

8- सीज़नल फलों का सेवन ज़रूर करें, खासतौर पर विटामिन सी से युक्त फल ज़रूर खाएं। प्रेगनेंसी के दौरान कच्चा पपीता कतई न खाएं, इससे मिसकैरेज होने का खतरा बना रहता है। 

9- खाली पेट उल्टियां महसूस हो सकती हैं, इसलिए थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ न कुछ खाती रहें। 

10- जब भी किसी काम से बाहर जाएं, अपने साथ घर के बने कुछ स्नैक्स ज़रूर साथ रखें। इसमें आप काजू, बादाम, अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स भी शामिल कर सकती हैं। दरअसल, लंबे समय तक बिना कुछ खाए आपका ब्लड शुगर घट सकता है, जो कि जी मिचलाने का कारण बनता है।

11- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। आप चाहें तो घर पर फलों का जूस बना कर भी पी सकती हैं। 

12- टाइट कपड़े पहनने से बचें। इससे आपको पेट दर्द के साथ घबराहट की शिकायत भी हो सकती है।  

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