फाइबर युक्त खाने के स्रोत और उसके फायदे

जैसे पेड़-पौधों को अच्छी खाद, पानी और सही मात्रा में धूप की ज़रूरत होती है। ठीक वैसे ही मनुष्य को भी सभी प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जैसे कि विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन और खनिज लवण आदि। इन पोषक तत्वों का पाचन भी  सुचारू रूप से होना आवश्यक है। यही कार्य फाइबर करते हैं।

फाइबर हमारे शरीर में इन सभी तत्वों के पाचन के लिए जिम्मेदार होते हैं। अगर आपको लगता है कि फाइबर से हमें किस तरह का पोषण  मिलता है तो बता दें कि ऐसा बिल्कुल नहीं है, लेकिन इनका सेवन शरीर के लिए बहुत उपयोगी है। इसकी वजह से वजन नियंत्रण में आसानी रहती है। साथ ही भूख भी बार-बार नहीं लगती। 

फाइबर क्या है?

फाइबर एक तरह का कार्बोहाइड्रेट होता है, जो कि पोषण तो बहुत कम देता है, लेकिन शरीर की पाचन क्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने में मुख्य सहायक होता है। फाइबर दो तरह के होते हैं, सोल्यूबल यानी घुलनशील और अनसोल्यूबल यानी अघुलनशील।

फाइबर युक्त खाना क्या है

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फाइबर युक्त खाने से अर्थ है ऐसा भोज्य पदार्थ, जो फाइबर से भरपूर हो जैसे कि-

चोकर

यदि हम बात करें गेहूं के चोकर की तो इसमें फाइबर की अत्यधिक मात्रा होती है और यह मैग्नीज से भरपूर होता है, जिसकी वजह से हमारा मेटाबॉलिज्म दुरुस्त रहता है। 

बाजरा

बाजरा भी फाइबर, कॉपर, मैग्नीशियम और जिंक से भरपूर होता है। यही नहीं बाजरे को तो एंटीऑक्सीडेंट का  स्रोत माना जाता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यदि 100 ग्राम बाजरा खाया जाए तो उसमें 8 से 9 ग्राम फाइबर होता है, जोकि दैनिक शारीरिक जरूरत के मुताबिक, पुरुषों की जरूरत का 40% और महिलाओं की जरूरत का 60% होता है। 

राई का आटा

120 ग्राम राई के आटे में लगभग 25 ग्राम फाइबर माना जाता है, जो कि महिलाओं की रोज की जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत होता है और पुरुषों की जरूरत का 70%।

फाइबर युक्त फल

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फाइबर युक्त फल हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं। ये खाना पचाने के अलावा और भी बहुत सी बीमारियों को शरीर से दूर करने में सहायक हैं। आइए जानते हैं-

अनार

डॉक्टर्स के मुताबिक यदि 250 ग्राम अनार का सेवन करें तो उस में लगभग 7.3 ग्राम फाइबर होता है, जो कि महिलाओं की दैनिक फाइबर की जरुरत का लगभग 35% और पुरुषों की दैनिक  फाइबर की जरूरत का लगभग 20% होता है।

अंजीर

कैल्शियम ,पोटैशियम ,मैग्निशियम, विटामिन के और फाइबर से भरपूर अंजीर सेहत की दृष्टि से स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है । 139 ग्राम सूखे अंजीर में लगभग 13.6 ग्राम फाइबर होता है।

एवोकाडो

लगभग 100 ग्राम एवोकाडो में  5.1 ग्राम फाइबर होता है, जो कि महिलाओं और पुरुषों में उनकी रोज की फाइबर की जरूरत का लगभग 25% और 18% होता है। यही नहीं,  तरबूज, आलू बुखारा, पपीता, स्ट्रॉबेरी, बेर, खरबूज आदि ऐसे घुलनशील फल  हैं, जो तरल होने के कारण आसानी से पच जाते हैं। 

फाइबर युक्त सब्जियां

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ऐसी बहुत सी सब्जियां हैं, जिनमें घुलनशील या अघुलनशील फाइबर बहुतायत में होता है। आइए जानते हैं इनके बारे में।

गाजर

गाजर में  एंटीऑक्सीडेंट्स और अन्य घटक, जैसे- क्लोरीन और सल्फर व फाइबर की बहुत अधिक मात्रा होती है। यदि आंकड़े की बात की जाए तो सवा सौ ग्राम गाजर में कम से कम  3 ग्राम फाइबर होता है, जोकि पुरुषों की फाइबर की दैनिक जरूरत का लगभग 8% और महिलाओं की  फाइबर की जरूरत का  12% होता है। 

मटर

हरी मटर में फाइबर की अत्यधिक मात्रा होने के कारण यह आंतों के लिए बहुत ही लाभदायक है। इसके सेवन से कब्ज और बवासीर में बहुत फायदा होता है। 120 ग्राम  मटर में लगभग 10 ग्राम फाइबर होता है, जो महिलाओं और पुरुषों की प्रतिदिन फाइबर की जरूरत का लगभग 26%  और 18% होता है। 

चुकंदर

यह एक ऐसा खाद्य है, जिसमें घुलनशील  और अघुलनशील दोनों तरह के फाइबर  होते हैं, इसलिए यह पुराने कब्ज से  राहत दिलाता है। 150 ग्राम चुकंदर में लगभग 4.5 ग्राम फाइबर होता है।

ब्रोकली

एक कप ब्रोकली में माना जाता है कि कम से कम 24 ग्राम फाइबर होता है। यही नहीं, ब्रोकली और भी बहुत से महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होती है।

बींस

इसमें दोनों तरह के फाइबर यानी घुलनशील और अघुलनशील फाइबर मौजूद हैं। कुछ अनुमानों के मुताबिक, एक कप बींस में लगभग 10 ग्राम फाइबर होता है, जो कि स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद फायदेमंद है।

फाइबर युक्त ड्राई फ्रूट्स

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वैसे तो नट्स का सेवन हमारे लिए पावर बैंक का काम करता है, क्योंकि यह हमें ऊर्जावान बनाते हैं। डाइटिशियन के मुताबिक, एक स्वस्थ मानव के लिए लगभग 1 औंस मिश्रित 9 दिन में एक बार या दो बार सेवन करने से शरीर के लिए सभी आवश्यक तत्वों की पूर्ति हो जाती है। आइए जानते हैं कुछ नट्स के बारे में, जिनमें फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है।

अलसी

अलसी में अन्य पोषक तत्वों के अलावा फाइबर भी मौजूद है, जिसकी वजह से यह शरीर की कई गंभीर बीमारियों के लिए फायदेमंद है। त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद अलसी का सेवन या तो पाउडर बनाकर या साबुत भिगोकर किया जा सकता है 

बादाम

50 ग्राम बादाम में फाइबर लगभग 5.8 ग्राम फाइबर होता है, जोकि इंसुलिन को नियंत्रण में रखता है।

पिस्ता

पिस्ता जितना खाने में स्वादिष्ट है, उतना ही पोषक तत्वों के गुणों से भरपूर है। यही नहीं, इसमें फाइबर भी प्रचुर मात्रा में होता है । 100 ग्राम पिस्ता में लगभग 8.7 ग्राम फाइबर होता है, जो महिलाओं की प्रतिदिन फाइबर की जरूरत का लगभग 42% और पुरुषों की प्रतिदिन फाइबर की जरूरत का लगभग 22% होता है।  अखरोट और चिया बीज में केवल प्रोटीन ही नहीं होता, बल्कि फाइबर भी प्रचूर मात्रा में होता है। किशमिश में घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह के फाइबर होते हैं। 

फाइबर युक्त बेकिंग फूड

जानिए फाइबर युक्त बेकिंग फूड के बारे में…

शकरकंद

शकरकंद  के सेवन से पाचन शक्ति  दुरुस्त होती है। यह न सिर्फ कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है, बल्कि अन्य रोगों के इलाज में भी सहायक होता है। मध्यम आकार के भुने हुए शकरकंद में लगभग 2.5 पांच  फाइबर मिलता है। इसके अलावा इसमें विटामिन ए 2.9 प्रतिशत है और विटामिन सी 15.7 प्रतिशत होता हैं।

मक्का

मक्का फाइबर का भरपूर स्रोत  है। मोटे अनाज के रूप में इसे बरसों से खाया जा रहा है। यह पचाने में आसान  और बेहद स्वास्थ्यवर्द्धक भी है। इसमें फाइबर की मौजूदगी जहां वजन को बढ़ने से रोकने में मदद करती है, वहीं कार्बोहाइड्रेट का बेहतरीन स्रोत होने के कारण इसे खाने से शरीर दिन भर एनर्जेटिक बना रहता है। 

फाइबर युक्त अन्य स्रोत

इन सबके अलावा भी अन्य स्रोत से फाइबर लिया जा सकता है… 

ईसबगोल की भूसी

इसे आयुर्वेदिक  औषधि माना जाता  है। इसमें सबसे अधिक मात्रा में फाइबर  होता है, इसलिए इसका उपयोग आंतों की सफाई और कब्ज को दूर करने के लिए किया जाता है।

बैरिज़

इनको भी फाइबर का महत्वपूर्ण स्त्रोत मानते हैं। इनमें लगभग 2.6%- 5.8 % फाइबर की मात्रा होती है।

ओट्स

इसमें घुलनशील और अघुलनशील दोनों ही तरह के फाइबर मौजूद हैं। लगभग 200 ग्राम ओट्स में 3.4 ग्राम फाइबर होता है।

फ्लैक्सी सीड्स

फ्लैक्सी सीड्स में भी फाइबर होता है। 100 ग्राम सीड्स में लगभग 17 ग्राम फाइबर होता है।

दाल

दालों में भी फाइबर पाया जाता है। 200 ग्राम उबली हुई दाल में 15 ग्राम फाइबर होता है। यही नहीं, सलाद, दलिया, बेसन और सूजी जैसे खाद्य पदार्थ में भी फाइबर की कुछ न कुछ मात्रा मौजूद होती है। यदि हम इन्हें अपने भोजन का जरूरी हिस्सा बना लें तो शरीर में फाइबर की पूर्ति आसानी से की जा सकती है। 

फाइबर युक्त खाने के फायदे क्या हैं

हमारी सदियों से चली आ रही संस्कृति में रेशेदार खाद्य पदार्थों का चलन हमेशा से रहा है। रेशेदार खाद्य पदार्थ सिर्फ कब्ज ही नहीं, डाइबिटीज, अस्थमा, ह्रदय रोग और कैंसर को दूर भगाने में सहायक तो हैं ही, साथ ही  हमारे शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को सुचारू रखने में भी मुख्य भूमिका निभाते हैं। आइए जानते हैं, इनके कुछ विशेष फायदों  के बारे में-

त्वचा

यदि फाइबर युक्त भोजन किया जाए तो समय से पहले चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियां कम होती हैं। फाइबर प्रोटीन कॉलेजन बनने में सहायता करते हैं, जिससे त्वचा में कसाव और चमक आती है। त्वचा यंग और खिली-खिली लगती है। चेहरे पर मुंहासे और दाग-धब्बे जैसी परेशानियां,  जो कि पेट की समस्याओं के कारण होती हैं, फाइबर के सेवन से कम हो जाती हैं।

बाल

पुरुष हो या महिला, आजकल सभी बालों के झड़ने की समस्या से परेशान हैं। फाइबर के सेवन से बाल मजबूत होते हैं, क्योंकि फाइबर का सेवन पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है। इसकी वजह से प्रोटीन का संतुलन शरीर में सही रहता है और इससे बालों के झड़ने की समस्या से निजात मिलती है। यही नहीं, फाइबर मेलेनिन बनाने में भी सहायक होते हैं। मेलेनिन बालों के काले रंग के लिए जिम्मेदार माना जाता है। यदि फाइबर का सेवन सही तरीके से किया जाए तो बाल लंबे समय तक काले रहते हैं।

कोलेस्ट्रोल और कैंसर

फाइबर का सेवन कोलेस्ट्रोल और कैंसर रोकने में भी सहायक है, क्योंकि घुलनशील फाइबर, जैसे कि- कुछ फल, सेम, दाल कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करते हैं और इनके घुलनशील फाइबर से कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर आदि रोगों में रोकथाम होती है।

विषाक्त पदार्थों से छुटकारा

फाइबर भोजन को पचाने में सहायता करते हैं, जिसकी वजह से कब्ज की समस्या खत्म होती है और शरीर का मल आसानी से बाहर आ जाता है।

हमें दिन भर में कितने फाइबर की जरूरत होती है?

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यदि महिला या पुरुष की उम्र  50 साल से कम है तो 30,38 ग्राम/प्रतिदिन। यदि पुरुष या महिला की उम्र 50 से अधिक है तो 25 ग्राम, 21 ग्राम/दिन।1 से 3 साल के बच्चों के लिए  सिर्फ 19 ग्राम रोज और 4 से 8 साल के बच्चों के लिए 25 ग्राम रोजाना उचित है। यदि 9 से 13 साल तक के बच्चे हैं तो   26 ग्राम प्रतिदिन लड़की के लिए और  31 ग्राम रोजाना लड़के के लिए। यदि किशोरी या किशोर हैं और उम्र 14 से 18 है तो 38 ग्राम लड़कों को और लड़कियों के लिए 26 ग्राम प्रतिदिन की मात्रा पर्याप्त है।

अपनी डाइट में फाइबर को कैसे इस्तेमाल करें?

दालें ,ब्राउन ब्रेड ,फल, सब्जियां, ब्राउन राइस, ओट्स आदि सभी फाइबर से भरपूर खाद्य हैं। अपने रोज की डाइट में इन्हें शामिल करें, ताकि आपके शरीर में बीमारियां अपना घर न कर सकें और आप ऊर्जा से भरपूर और स्वस्थ रहें। फाइबर हमारे शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है। अतः इन सभी खाद्य पदार्थों के सेवन से आपको बहुत फायदा होगा।

सवाल-जवाब

सवाल- क्या फास्ट फूड में भी फाइबर होता है? जवाब -नहीं! फास्ट फूड सेहत के लिए बहुत हानिकारक होते हैं। इनमें किसी भी प्रकार का कोई फाइबर नहीं होता  सवाल- एक कप अनाज में कितना फाइबर होता है?

जवाब-  माना जाता है कि 58 से 60 ग्राम गेहूं के चोकर में लगभग 25 ग्राम फाइबर होता है, जोकि महिलाओं की रोज की जरूरत का 99% और पुरुषों की रोज की जरूरत का 65% हिस्सा होता है।

सवाल- सबसे ज्यादा फाइबर किस में होता है?

जवाब- चिकित्सकों के मुताबिक, यदि 150 ग्राम अलसी का सेवन किया जाए तो उससे हमें कम से कम 38 ग्राम फाइबर मिलता है, जो कि महिला हो या पुरुष, दोनों की दैनिक जरूरत का लगभग 170 प्रतिशत से लेकर 112% तक होता है।

सवाल- क्या फाइबर अधिक लेने का कोई साइड इफेक्ट है? 

जवाब- जी हां, अधिक फाइबर लेने के भी साइड इफेक्ट हैं, क्योंकि इसकी अधिकता भी आपको परेशानी में डाल सकती है। एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन में करीब 40 ग्राम फाइबर का प्रयोग या सेवन ही करना चाहिए। यदि आप 50 से 60 ग्राम फाइबर या इससे अधिक मात्रा में इसका सेवन करते हैं तो आपको कब्ज, गैस बनना, पेट में जलन, पेट में सूजन और पेट की ऐंठन जैसी बीमारियां परेशान करेंगी।

अतः फाइबर युक्त आहार का सेवन एक संतुलित मात्रा में ही किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, सबसे जरूरी बात यह है कि आप चाहे संतुलित मात्रा में ही फाइबर का सेवन कर रहे हों, फिर भी उसके साथ अत्यधिक पानी पीना जरूरी है, वरना कब्ज की शिकायत हो जाती है।

सवाल- घुलनशील और अघुलनशील फाइबर क्या हैं?

जवाब-  घुलनशील फाइबर पानी में आसानी से घुल जाते हैं और शरीर में एक गाढ़ा जेल बनाते हैं, जिससे कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है, जैसे कि ओट्स, बींस, जौ आदि। यह फाइबर ऑटो को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इससे पेट से छोटी आंत तक भोजन पहुंचने की क्रिया धीमी हो जाती है, जिससे पेट हर समय भरा-भरा लगता है और शरीर की शुगर नियंत्रित हो जाती है।

अघुलनशील फाइबर शरीर में अपशिष्ट पदार्थों को साफ करने में मदद करते हैं। इस तरह के फाइबर से शरीर का वजन भी नियंत्रित रहता है, जैसे- अनाज, रोटी, सेम, सब्जियां आदि। इनसे शरीर में कई बीमारियों की रोकथाम होती है।

नम्रता गौड़ डाइटिशियन, फैमिली डाइट क्लीनिक, नोएडा तथा डॉक्टर सविता, डाइटिशियन, फ्लोर्स हॉस्पिटल, गाजियाबाद से बातचीत पर आधारित।